पाकिस्तानी महिला ने धोखाधड़ी कर बनवा लिया राशन कार्ड, जब भारत आई तो आठ महीने की थी… अब सात बच्चों की मां

बरेली में एक पाकिस्तानी महिला फरहत सुल्ताना ने धोखाधड़ी से आधार कार्ड और राशन कार्ड बनवा लिए। वह 1961 में अपनी मां के साथ दीर्घकालिक वीजा पर भारत आई थी। 1985 में उसने एक स्थानीय व्यक्ति से शादी की और उसके सात बच्चे हैं। पुलिस ने महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया है क्योंकि उसने अवैध रूप से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया। जांच जारी है।पाकिस्तानी महिला ने धोखाधड़ी कर भारतीय दस्तावेज (आधार कार्ड व राशन कार्ड) बनवा लिए और उनका फायदा लेना भी शुरू कर दिया। करीब 15 वर्ष पहले आधार कार्ड और 10 वर्ष पहले घर का मुखिया बताकर राशन कार्ड बनवा लिया। 

एसएसपी अनुराग आर्य ने जब बांग्लादेशी व रोहिंग्या के विरुद्ध अभियान चलाया तो उसमें यह महिला पकड़ में आई। बारादरी थाने के दरोगा सौरभ के शिकायती पत्र पर महिला के के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत की गई है।

पुलिस के मुताबिक, दारोगा सौरभ अपने क्षेत्र में रोहिंग्या व बांग्लादेशियों की तलाश में लोगों का सत्यापन कर रहे थे। उसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि पाकिस्तान की रहने वाली फरहत सुल्ताना जो कि वर्तमान में सूफी टोला में रह रही है।उसने फर्जी दस्तावेज के सहारे 15 वर्ष पहले आधार कार्ड और 10 वर्ष पहले राशन कार्ड बनवा लिया था, जबकि वह खुद दीर्घकालिक वीजा पर भारत में रह रही है। तब से वह उसी राशन कार्ड और आधार कार्ड पर सरकार की योजनाओं का लाभ भी ले रही है। मामले में गहनता से जांच की गई तो पता चला कि महिला वर्ष 1961 में बरेली अपनी ननिहाल में मां के साथ दीर्घकालिक वीजा पर आई थी। उस वक्त वह आठ माह की थी, तब से वह यहीं पर रही है। वर्ष 1985 में उसने सूफी टोला निवासी शाहिद खलील से निकाह भी कर लिया। इसके बाद फरहत के सात बच्चे हुए इसमें पांच लड़कियां और दो लड़के थे। सबसे छोटी बेटी का निधन हो गया और एक बेटी का गाजियाबाद में निकाह हो गया। अब तीन बेटियां और दो बेटे अभी भी फरहत के साथ रहते हैं। परिवार के गुजर बसर के लिए बेटियां जरी का काम करती हैं और बेटी मेहनत मजदूरी करते हैं। पुलिस ने दारोगा सौरभ के शिकायती पत्र पर आरोपित महिला के विरुद्ध प्राथमिकी लिख ली है।पाकिस्तान में कराची निवासी है महिलाअभी तक की पूछताछ में सामने आया है कि महिला पाकिस्तान में कराची की रहने वाली है। जब वह अपनी मां सुल्ताना अंजुम के साथ बरेली आई तो उस वक्त उसकी बहन नुसरत भी साथ में थी। उस वक्त नुसरत की उम्र करीब ढाई वर्ष थी। मां नुसरत को अपने साथ ले गई और फरहत को नाना के पास ही छोड़कर चली गई थी। वर्तमान में फरहत की उम्र करीब 65 वर्ष है। पुलिस का कहना है कि मामले में गहन विवेचना के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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